
जेपी विद्या मंदिर तौमड़ी,बुलंदशहर में आज ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य उत्सव ‘बसंत पंचमी’ का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस सांस्कृतिक अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हवन आयोजन वैदिक विधि-विधान से किया गया, जिसमें विद्या की देवी से सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय में उपस्थित सभी लोगों न माँ शारदे को पुष्प अर्पित किए और ‘सरस्वती वंदना’ के साथ उनका आह्वान किया उसके बाद सांस्कृतिक परिधानों के साथ बलिकाओ द्वारा सुन्दर नृत्य की प्रस्तुति की गई ।इस धार्मिक अनुष्ठान में केवल छात्र ही नहीं,

बल्कि विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी पूर्ण निष्ठा के साथ भाग लिया। यज्ञ के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।प्रधानाचार्या सुनीता सिंह ने अपने विशेष संबोधन में बसंत पंचमी के सांस्कृतिक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “विद्या और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती की कृपा से ही अज्ञानता का अंधकार दूर होता है बसंत पंचमी का यह त्योहार हमें जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और निरंतर सीखने की प्रेरणा देता है”। इस विशेष आगमन के प्रतीक के रूप में विद्यालय को पीले फूलों से सजाया गया था और इस अवसर पर सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने पारंपरिक पीले वस्त्रों को पहनकर सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।