
प्रदेश में अप्रैल से जुलाई के बीच प्रस्तावित पंचायत चुनाव टल सकते हैं। योगी सरकार ने लखनऊ हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाएगा। इस आयोग की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों का आरक्षण तय होगा, जिसमें कम से कम 2 महीने का समय लग सकता है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों से पहले समर्पित आयोग का होना अनिवार्य है। जबकि ओमप्रकाश राजभर तय समय पर चुनाव का दावा पहले कर चुके थे।