दबंगों के हौसले बुलन्द सरकारी कार्य में बाधा डाल लेखपाल से अभद्रता व मारपीट गाड़ी में तोड़फोड़ कि वीडियो वायरल पुलिस मौन

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावों के बीच छतारी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है यहाँ ड्यूटी पर जा रहे एक सरकारी राजस्व कर्मी (लेखपाल) के साथ बीच सड़क पर न सिर्फ अभद्रता और हाथापाई की गई बल्कि सरकारी दस्तावेज छीनकर उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है लेकिन आरोप है कि पुलिस इस मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठी है मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित अनिल कुमार वर्तमान में तहसील शिकारपुर के अन्तर्गत राजस्व क्षेत्र कसूमी कनैनी और वेदरामपुर में लेखपाल के पद पर तैनात है बताया जा रहा है कि वह सरकारी कार्य के सिलसिले में कसूमी जा रहे थे जैसे ही वह छतारी से बाहर निकले पंजाब नेशनल बैंक के पास कुछ दबंगों ने उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया पीड़ित लेखपाल के मुताबिक गाड़ी रोकने के बाद आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी इतना ही नहीं लेखपाल के पास मौजूद महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड (दस्तावेज) भी आरोपियों ने जबरन छीन लिए और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की वीडियो वायरल होने पर हुई आरोपियों की पहचान इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है पीड़ित लेखपाल ने जब इस वीडियो को स्थानीय लोगों को दिखाया तो आरोपियों की पहचान छतारी और बरकातपुर के निवासियों के रूप में हुई है घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे है सफेदपोश के दबाव में पुलिस हैरानी की बात यह है कि सरकारी कर्मचारी पर सरेआम हुए इस हमले और वीडियो वायरल होने के बावजूद छतारी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाके के ही एक रसूखदार सफेदपोश नेता के इशारे पर पुलिस इस मामले में एक्शन लेने से बच रही है बड़ा सवाल अगर क्षेत्र में सरकारी जमीन और राजस्व की रक्षा करने वाले सरकारी कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है और पुलिस राजनीतिक दबाव में मूकदर्शक बनी रहेगी तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा स्थानीय राजस्व कर्मियों और जनता में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई करते है जब इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारी से जानकारी करी तो उन्होंने बताया कि वीडियो वायरल कि जांच पड़ताल की जा रही वहीं जब इस सम्बन्ध में छतारी थानाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह, से जानकारी करी तो उन्होंने बताया की दोनों पार्टियों ने आपस में समझौता हो गया है एक*दुसरे को पता नहीं थी और जाम में थोडी सी गाडी लग गई थी उसकी वजह से आपस में कहासुनी हो गई थी।

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