बुलंदशहर के कमांडो जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए। प्रभात गौड़ (46) सेना में जेसीओ पैरा कमांडो थे। वह बुलंदशहर के पाली आनंदगढ़ी गांव के रहने वाले थे। वह 27 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। दो साल पहले उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में हुई थी।जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए बुलंदशहर के लाल प्रभात गौड़ का पार्थिव शरीर को आज बुलंदशहर में उनके पैतृक गांव पाली आनंद गढ़ीलाया गया. सोमवार को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान जवान प्रभात गौड़ शहीद हो गए थे. उनका शहादत की खबर के बाद से ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में मातम का माहौल है.। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए बुलंदशहर के लाल प्रभात गौड़ का पार्थिव शरीर को आज बुलंदशहर में उनके पैतृक गांव पाली आनंदगढ़ी लाया गया सोमवार को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान जवान प्रभात गौड़ शहीद हो गए थे. उनका शहादत की खबर के बाद से ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में मातम का माहौल है. और शहीद के बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था। प्रभात गौड़ बुलंदशहर के नरसेना के पाली आनंदगढ़ी के रहने वाले थे, आज उनका पार्थिव शरीर पैतृक आवास लाया गया जहां उनके अंतिम दर्शनों के लिए सुबह से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे है. आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने वीर सपूत को विदाई देने के लिए पहुँच रहे हैं. जिसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया उनके शहीद होने की ख़बर मिलने के बाद से ही उनका परिवार बुलंदशहर अपने पैतृक आवास पहुंच गया था. घर पर आने-जाने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है. हर को शहीद के परिवार के सांत्वना दे रहा है. वही जिलाधिकारी और एस एस पी दिनेश कुमार ने भी शहीद के पिता को सांत्वना दी और कहा प्रशासन हर सुख दुख मे उनके साथ खड़ा रहेगा वही सीओ प्रखर पाण्डेय भी शहीद की अंतिम शोभा यात्रा मे सम्मिलित हुऐ. वही पूरा पुलिस प्रशासन और हजारों की संख्या मे शहीद की अंतिम यात्रा मे सम्मिलित हुऐ।