औरंगाबाद।औरंगाबाद के सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तहत सप्त शक्ति संगम समारोह का आयोजन किया गया।जिसमें महिलाओं को शसक्त करने पर बल दिया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व चेयरमैन माया देवी,समाजसेवी कोमल गुप्ता,छत्रपति शिवाजी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य हर्षिता सांगवान,ललता प्रसाद कॉलेज की प्रवक्ता अनु स्मृति ने मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुक्त वक्ता हर्षिता सांगवान ने कहा कि मातृ शक्ति परिवार की आधारशिला है।यह संस्कार,शिक्षा और सामाजिक दिशा प्रदान करने वाली चेतना शक्ति है।सप्त शक्ति संगम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के भीतर आत्म गौरव और कर्तव्य बोध को जागृत करना है।इसका लक्ष्य पांच परिवर्तन _स्व बोध,पारिवारिक प्रबोधन,सामाजिक समरसता,पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य के विचारों को परिवार से समाज तक ले जाना है।यही पांच परिवर्तन की मिल भावना है।उन्होंने जोर दिया कि जब परिवार संस्कारवान और जागरूक होता है,तब समाज के प्रत्येक स्तर पर समरसता और सकारात्मक परिवर्तन होता है।उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग की चुनौतियों में माताओं की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य बालकराम शर्मा ने सभी का आभार जताया।
डिजिटल युग में माताओं की भूमिका महत्वपूर्ण:सांगवान