
औरंगाबाद।औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव लोहरका में शनिवार को सीआरपीएफ के जवान की हृदयगति रूकने से मौत हो गई।चिकित्सकों ने पार्थिव शरीर को पोस्मार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।देर शाम गमगीन माहौल में जवान का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दे कि गांव लोहरका निवासी रामकुमार शर्मा के दूसरे नंबर के 42 वर्षीय पुत्र वीरेंद्र शर्मा सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर दिल्ली में तैनात थे।17 दिसंबर को वह छुट्टी लेकर गांव आए हुए थे।बताया जाता है कि शनिवार तड़के करीब तीन बजे वीरेंद्र शर्मा को हार्ट अटैक का दौरा पड़ गया।आनन फानन में परिजन उनको जिला अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।बाद में पार्थिव शरीर को पोस्मार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। बंटी शर्मा ने बताया कि वह 2002 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे।हाल ही में हेड कांस्टेबल बन गए थे।लेकिन उनकी वर्दी पर स्टार नहीं लग सके थे।जवान की हृदयगति रूकने की सूचना दिल्ली हेड क्वार्टर को दे दी गई है। वहां से टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है।जवान की मौत के बाद से मां मिथलेश देवी,पत्नी पूनम शर्मा का रोते हुए बुरा हाल है।मृतक ने अपने पीछे इकलौते पुत्र अंश कौशिक 12 वर्ष को छोड़ा है।शाम चार बजे दिल्ली हेड क्वार्टर से सीआरपीएफ जवानों की एक टुकड़ी जिला अस्पताल पहुंची और यहां पार्थिव शव को अपने कब्जे में लेते हुए तिरंगे में लिपटकर शव गांव पहुंचा।शव के पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया।ग्रामीण शव के अंतिम दर्शन के लिए मृतक के आवास पर पहुंचे ओर परिजनों को ढांडस बंधाया।आनन फानन में अंतिम शवयात्रा शुरू हुई।जिसमें जब तक सूरज चांद रहेगा,वीरेंद्र शर्मा तेरा नाम रहेगा। एएसपी रिज़ुल कुमार समेत सीआरपीएफ की टुकड़ी ने पुष्प चक्र अर्पित किए।मुखाग्नि इकलौते पुत्र अंश ने दी। सीआरपीएफ की टुकड़ी ने अंश को तिरंगा भेज किया।