
औरंगाबाद (बुलन्दशहर): शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले औरंगाबाद के आर.के. पब्लिक स्कूल ने रमजान के पवित्र महीने में समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। थाना औरंगाबाद के पास स्थित इस प्रतिष्ठित स्कूल ने घोषणा की है कि मुस्लिम समुदाय के जिन बच्चों ने ‘हिफ़्ज़’ (कुरान कंठस्थ) की तालीम मुकम्मल कर ली है, उन्हें स्कूल की फीस में 50 फीसदी (आधी फीस) की विशेष रियायत दी जाएगी।
प्रबंधक शाहिद का बयान: “गरीब बच्चों को मिले आधुनिक शिक्षा”
स्कूल के प्रबंधक शाहिद ने इस पहल के पीछे का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा, “रमजान का महीना बरकत और खिदमत का महीना है। हमने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि हिफ़्ज़ की तालीम हासिल करने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को सीधा फायदा मिल सके। अक्सर आर्थिक तंगी की वजह से बच्चे धार्मिक शिक्षा के बाद आधुनिक स्कूली शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। हमारी कोशिश है कि वे बच्चे भी मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़कर अपना भविष्य संवार सकें।”
क्षेत्र में सराहना की लहर
आर.के. पब्लिक स्कूल की इस बंपर छूट की खबर कस्बे और आस-पास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रबंधक शाहिद और स्कूल प्रशासन के इस संवेदनशील फैसले का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल शिक्षा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है।