जाम के झाम में औरंगाबाद: ‘जाम नगरी’ बना कस्बा, प्रशासन की चुप्पी पर शिवसेना ने उठाए सवाल

राजीव शर्मा कंट्रोल न्यूज ब्यूरो चीफ बुलंदशहर
​औरंगाबाद कस्बा औरंगाबाद इन दिनों अपनी पहचान खोकर ‘जाम नगरी’ के रूप में तब्दील होता जा रहा है। अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब ट्रैफिक व्यवस्था के कारण कस्बे का मुख्य जहांगीराबाद चौराहा जाम का केंद्र बन गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है।
​सिर्फ दो होमगार्ड के भरोसे व्यस्त चौराहा
​हैरानी की बात यह है कि कस्बे का सबसे व्यस्त माना जाने वाला जहांगीराबाद चौराहा मात्र दो होमगार्डों के सहारे छोड़ दिया गया है। वाहनों के भारी दबाव और चारों दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को संभालने में यह व्यवस्था पूरी तरह नाकाफी साबित हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं।
​अवैध अतिक्रमण और ओवरलोड वाहन मुख्य कारण
​जाम का सबसे बड़ा कारण सड़क के दोनों ओर फैला अवैध अतिक्रमण है। दुकानदारों द्वारा सड़कों तक फैलाए गए सामान और अवैध पार्किंग ने सड़क को संकरा कर दिया है। इसके साथ ही, गन्ने से लदे ओवरलोड वाहन आग में घी का काम कर रहे हैं, जो घंटों तक चौराहे को बंधक बनाए रखते हैं।
​शिवसेना ने बुलंद की आवाज
​इस अव्यवस्था को लेकर शिवसेना नगर प्रमुख प्रवेश लोधी ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। प्रवेश लोधी ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि:
​सड़कों से तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाया जाए।
​कस्बे के भीतर से गुजरने वाले ओवरलोड गन्ने के वाहनों पर नकेल कसी जाए।
​ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
​उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही औरंगाबाद को जाम मुक्त नहीं किया गया, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।

औरंगाबाद थाना प्रभारी रामनारायण सिंह ने कहा कि सहलग के चलते सड़क पर ज्यादा भीड़ है इसीलिए दिक्कत आ रही है

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