औरंगाबाद। माह-ए-रमजान के अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुमा’ के अवसर पर कस्बे में मजहबी अकीदत और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। कस्बे की ऐतिहासिक जामा मस्जिद सहित तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों की संख्या में रोजेदारों ने खुदा की बारगाह में सिर झुकाकर मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सीओ सिटी प्रखर पांडे और थाना प्रभारी रामनारायण सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। कस्बे के मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी।शुक्रवार दोपहर को अजान होते ही रोजेदार जामा मस्जिद की ओर जुटने लगे। देखते ही देखते मस्जिद के प्रांगण से नमाजियों से भर गईं। नमाज के दौरान मौलाना ने रमजान के पवित्र महीने के महत्व और इसकी विदाई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन मगफिरत (माफी) और इबादत का है। नमाज संपन्न होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ‘अलविदा जुमा’ की मुबारकबाद दी।
