ऊर्जा कर्मियों का हल्लाबोल: 7 मई को प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार का ऐलान, आज जिलों में सत्याग्रह


​बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के विद्युत संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश’ के आह्वान पर आज प्रदेश के सभी जिलों में संविदा कर्मियों ने सत्याग्रह किया। इस दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 7 मई 2026 को पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
​मुख्य मांग: आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की जिद्द
​विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की सबसे प्रमुख मांग है कि राज्य सरकार द्वारा गठित ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ में ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को भी स्थान दिया जाए। निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में घोषणा की थी कि बिचौलियों को हटाकर विभाग द्वारा सीधे वेतन और ईपीएफ का भुगतान किया जाएगा। इसके बावजूद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन संविदा कर्मियों को इस निगम से बाहर रखना चाहता है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।”
​शोषण और छंटनी पर आक्रोश
​संगठन के प्रदेश मंत्री कपिल कुमार शर्मा ने कहा कि विभाग में आए दिन हो रही छंटनी और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण से कर्मचारी त्रस्त हैं। इस शोषण से मुक्ति का एकमात्र रास्ता संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे में लाना है।
​अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
​जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा और जिला महामंत्री मोनू कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि 7 मई का कार्य बहिष्कार तो महज शुरुआत है। यदि इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली, तो पूरे प्रदेश के लाखों संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
​सैकड़ों कर्मचारी रहे मौजूद
​बुलंदशहर जनपद में आयोजित सत्याग्रह में भारी संख्या में बिजली कर्मियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, अरशद, लक्ष्मण मलिक, लक्ष्मण सिंह, जुबैर, जयपाल, वीरेंद्र, तरुण, जीतू, पंकज, विपिन कुमार, रोहित और अरुण कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

कंट्रोल इंडिया ब्यूरो बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के विद्युत संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश’ के आह्वान पर आज प्रदेश के सभी जिलों में संविदा कर्मियों ने सत्याग्रह किया। इस दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 7 मई 2026 को पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।मुख्य मांग: आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की जिद्दविद्युत संविदा कर्मचारी संघ की सबसे प्रमुख मांग है कि राज्य सरकार द्वारा गठित ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ में ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को भी स्थान दिया जाए। निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में घोषणा की थी कि बिचौलियों को हटाकर विभाग द्वारा सीधे वेतन और ईपीएफ का भुगतान किया जाएगा। इसके बावजूद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन संविदा कर्मियों को इस निगम से बाहर रखना चाहता है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।”शोषण और छंटनी पर आक्रोशसंगठन के प्रदेश मंत्री कपिल कुमार शर्मा ने कहा कि विभाग में आए दिन हो रही छंटनी और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण से कर्मचारी त्रस्त हैं। इस शोषण से मुक्ति का एकमात्र रास्ता संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे में लाना है।अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनीजिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा और जिला महामंत्री मोनू कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि 7 मई का कार्य बहिष्कार तो महज शुरुआत है। यदि इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली, तो पूरे प्रदेश के लाखों संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।सैकड़ों कर्मचारी रहे मौजूदबुलंदशहर जनपद में आयोजित सत्याग्रह में भारी संख्या में बिजली कर्मियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, अरशद, लक्ष्मण मलिक, लक्ष्मण सिंह, जुबैर, जयपाल, वीरेंद्र, तरुण, जीतू, पंकज, विपिन कुमार, रोहित और अरुण कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

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